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Hindi Section ( 16 May 2022, NewAgeIslam.Com)

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Yemen-Saudi Arab War Has Made Yemen A Living Hell For Children यमन-सऊदी युद्ध ने यमनी बच्चों के जीवन को जहन्नम में बदल दिया है

यूनिसेफ गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को भोजन और चिकित्सा सहायता प्रदान करता है

प्रमुख बिंदु:

1. सऊदी के नेतृत्व वाली अरब लीग ने यमन के बुनियादी ढांचे, स्वच्छता प्रणाली और उद्योग को नष्ट कर दिया है

2. यमन के बच्चे शिया-सुन्नी संघर्ष के सबसे ज्यादा शिकार हैं

3. यमन बच्चों के लिए जहन्नम बन गया है

4. अरब-यमन संघर्ष में 2015 से अब तक 10,000 से ज्यादा बच्चे मारे जा चुके हैं

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न्यू एज इस्लाम स्टाफ राइटर

उर्दू से अनुवाद न्यू एज इस्लाम

29 अप्रैल, 2022

Children sit in front of a tub of moldy bread in their shelter in Aslam, Hajjah, Yemen, last month. The U.N. has estimated that up to 14 million Yemenis — about half the country's population — will suffer severe food shortages in the next few months./Hani Mohammed/AP

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मध्य पूर्व के लोगों द्वारा इस क्षेत्र को स्वर्ग बनाने की आशा के साथ अरब स्प्रिंग की शुरुआत की गई थी, लेकिन इसके बजाय यह एक जहन्नम बन गया है। 2011 में शुरू हुए गृहयुद्ध ने मिस्र, लीबिया, बहरीन, सीरिया और यमन को तबाह कर दिया है। केवल ट्यूनीशिया विद्रोह से सुरक्षित है। सीरिया और यमन अभी भी गृहयुद्ध की चपेट में हैं और इसके परिणामस्वरूप दोनों देश तबाह हो गए हैं और दोनों देशों के लोग अवर्णनीय रूप से पीड़ित हैं।

इस क्षेत्र का सबसे गरीब देश यमन गृहयुद्ध से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यमन में सैन्य संघर्ष 2015 में शुरू हुआ जब अरब समर्थक राष्ट्रपति मंसूर हादी, शिया आतंकवादी समूह हौसियों की राजधानी सना और यमन के अन्य प्रमुख शहरों पर कब्ज़े के बाद सऊदी अरब भाग गए।

सऊदी अरब को डर था कि पड़ोसी यमन में हौसी के नेतृत्व वाली शिया सरकार उसके लिए खतरा पैदा कर देगी, जैसा कि रूस को डर था कि नाटो सहयोगी यूक्रेन रूस के लिए खतरा पैदा करेगा। चूंकि हौसियों को ईरान का समर्थन प्राप्त है, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य सहयोगियों ने उन्हें बाहर करने के लिए उनके खिलाफ एक सैन्य अभियान शुरू किया है। संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन को सैन्य सहायता प्रदान की है। दुनिया में जहां कहीं भी टकराव होता है, उसके पीछे अमेरिका और ब्रिटेन का हाथ होता है।

हौसियों और यमनी सरकार के बीच संघर्ष एक आंतरिक मामला था, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्रिटेन ने सऊदी अरब से ईरान के डर से, हौसियों के खिलाफ एक सैन्य अभियान शुरू करने का आग्रह किया, जो हौसियों को सहायता प्रदान करता रहा है। पिछले सात वर्षों में, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला किया है, जिससे उनकी अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।

क्योंकि यमन एक गरीब देश है, इसलिए इसने बहुत कुछ झेला है। इसका बुनियादी ढांचे को क्षतिग्रस्त किया गया है। इसकी स्वास्थय व्यवस्था चरमरा गई है। इसकी शिक्षा व्यवस्था खत्म हो गई है। अधिकांश आबादी गरीबी का जीवन जी रही है।

यमन में संकट का सबसे दुखद पहलू यह है कि लाखों बच्चे भूख से मर रहे हैं। पिछले सात वर्षों में युद्ध से 10,000 से अधिक बच्चे मारे गए हैं या अपंग हो चुके हैं। संकट इतना गंभीर है कि यूनिसेफ के कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल को कहना पड़ा है कि यमन अब बच्चों के लिए नरक है। उन्होंने यमन में संकट को दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक बताया।

संकट में फंसे 23.7 मिलियन लोगों में से 13 मिलियन बच्चों को सहायता की सख्त जरूरत है। उन्हें भोजन और स्वास्थ्यकारी सेवाओं की आवश्यकता है। 2 मिलियन बच्चे अपने ही देश में विस्थापित हुए हैं। मार्च 2020 तक, 17.4 मिलियन लोगों को खाद्य सहायता की आवश्यकता थी। 5 वर्ष से कम आयु के 2.2 मिलियन बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित हैं। 8.5 मिलियन बच्चों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध नहीं है और उन्हें जलजनित बीमारियों के होने का खतरा है। यमनी लोगों को पानी की तलाश में प्रतिदिन मीलों पैदल चलना पड़ता है।

यद्यपि अरब देश तेल से समृद्ध हैं लेकिन उन्होंने यमनी बच्चों या लोगों की मदद के लिए कोई व्यक्तिगत या सामूहिक कार्रवाई नहीं की है। यूनिसेफ यमनी परिवारों को भोजन, स्वच्छता, साफ पानी, औपचारिक शिक्षा और बहुत जरूरी धन मुहैया कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। यमन के बच्चों की मदद के लिए यूनिसेफ ने जो कदम उठाए हैं, वे इस प्रकार हैं:

1) इसने 5.3 मिलियन बच्चों सहित 8.8 मिलियन लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया है।

2) यह दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में 20 लाख लोगों को सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचने में मदद कर रहा है।

3) यह हर तीन महीने में 1.4 मिलियन परिवारों को नकद प्रदान करता है।

4) यह आधा मिलियन से अधिक बच्चों को औपचारिक शिक्षा प्रदान करने में मदद कर रहा है।

विश्व खाद्य कार्यक्रम भी यमन के लोगों को खाद्य सहायता प्रदान कर रहा है।

यमन में हैजा जैसी संक्रामक बीमारियां अक्सर फैलती हैं, जिसमें बच्चों सहित सैकड़ों लोग मारे जाते हैं।

कुछ अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठनों ने यमन के लोगों को भोजन, आपातकालीन आश्रय, दवा और साफ पानी उपलब्ध कराने की पूरी कोशिश की है।

मुस्लिम ग्लोबल रिलीफ ने युद्ध प्रभावित यमनियों को भोजन, हिफ्जाने सेहत और हैजा का इलाज मुहैया कराया है।

इस्लामिक रिलीफ यूएसए ने यमन में दस लाख लोगों की मदद करने का दावा किया है। यमन में उनके हजारों फील्ड स्टाफ हैं।

मुसलमानों की मदद से यमन के लोगों को भी मदद मिलती है।

सीमित संसाधनों वाले ये छोटे समूह उच्चतम स्तर पर लोगों की मदद नहीं कर सकते जबकि वहां के लोगों को अरबों डॉलर की मदद और समर्थन की जरूरत है। संयुक्त राष्ट्र आगे की तबाही को रोकने के लिए पर्याप्त धन जुटाने में विफल रहा है। जहां 4.3 अरब की जरूरत है, वहां सिर्फ 1.3 अरब जुटाए गए हैं।

वैश्विक स्तर पर चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण आने वाले दिनों में संकट और गहराएगा। यूक्रेन का युद्ध यमन की समस्याओं को भी बढ़ा देगा क्योंकि गेहूं और अन्य आवश्यक चीजें यूक्रेन से आयात की जाती हैं।

लेकिन दुर्भाग्य से, यमन के भूखे बच्चों और वयस्कों को बचाने के लिए मुस्लिम देशों के पास कोई सामूहिक कार्यक्रम नहीं है। सऊदी अरब, ईरान, संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस केवल अपने राजनीतिक और वैचारिक हितों की चिंता करते हैं। यमन के लोगों और बच्चों की कोई परवाह नहीं है। चूंकि यमन में युद्ध की कोई निश्चित अवधि नहीं है, इसलिए यमनी बच्चों की पीड़ा का कोई अंत नहीं है।

मध्य पूर्व में शिया-सुन्नी संघर्ष ने मुस्लिम दुनिया को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है। अरब स्प्रिंग के बाद से पिछले 11 वर्षों में, सीरिया, इराक और लीबिया में लाखों लोग आंतरिक या बाहरी रूप से विस्थापित हुए हैं। लाखों बच्चे बेघर और कुपोषित हैं। कई लोग यूरोप में शरण लेने के लिए अपने देश से भागने को मजबूर हैं। लेकिन मुस्लिम देशों में संघर्ष खत्म होता नहीं दिख रहा है। इन संघर्षों के सबसे बड़े शिकार बच्चे हैं और मुस्लिम देशों के पास उनकी मदद करने की कोई योजना नहीं है। यमन में, माता-पिता नहीं जानते कि उनके बच्चे अगले दिन जीवित रहेंगे या नहीं। अब ओआईसी ने यमनी बच्चों के मुद्दे को गंभीरता से लिया है और बच्चों को बचाने और यमन में संघर्ष को समाप्त करने के लिए मानवीय आधार पर काम करना शुरू कर दिया है।

English Article: Yemen-Saudi Arab War Has Made Yemen A Living Hell For Children

Urdu Article: Yemen-Saudi Arab War Has Made Yemen A Living Hell For Children یمن اور سعودی جنگ نے یمنی بچوں کی زندگی جہنم بنا دی ہے

URL: https://www.newageislam.com/hindi-section/yemen-saudi-arab-war-children/d/127021

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