विशेष संवाददाता, न्यु एज इस्लाम
17 जनवरी, 2014
श्रीमती डायने मिलर ने जब न्यु एज इस्लाम फाउंडेशन की शाखा एजुकेशन फॉर पीस के छात्र व छात्राओं के साथ बातचीत में शांति, स्वतंत्रता और शिक्षा के लिए अपने जीवन को समर्पित करने वाली दुनिया की उन महान हस्तियों की नेतृत्व क्षमताओं और गुणों को अपनी बातचीत का शीर्षक बनाया तो उनका विषय महात्मा गांधी के अहिंसक विरोध, भेदभाव के खिलाफ डॉ. मार्टिन लूथर किंग के संघर्ष, स्वतंत्रता के लिए नेल्सन मंडेला का संघर्ष और शिक्षा के लिए मलाला युसुफ़जई का उत्साह व जुनून था।
16 जनवरी 2014 को एजुकेशन फॉर पीस सेंटर में आयोजित किए गए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यहां के छात्र व छात्राओं को अंग्रेज़ी बोलने में माहिर बनाना था। एजुकेशन फॉर पीस गरीब और पिछड़े वर्ग से सम्बंधित छात्रों के लिए अक्सर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करता है।
3 घंटे तक जारी रहने वाले अंग्रेज़ी भाषा के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और शिक्षक अमेरिका दूतावास के क्षेत्रीय अंग्रेजी भाषा की अधिकारी श्रीमती डायने मिलर थीं। डॉ. मार्टिन लूथर किंग की 85वें जन्मदिन के मौक़े पर इन लीडरों के बलिदान और उनके सहयोग पर चर्चा करने के बाद उन्होंने छात्रों को उन क्षमताओं और गुणों से अवगत कराया जो एक अच्छे लीडर के लिए आवश्यक हैं। आपसी बातचीत के अंदाज़ में सम्बोधित करते हुए उन्होंने छात्रों को बताया कि एक अच्छे लीडर के लिए ईमानदार, बुद्धिमान, नैतिक, शांति प्रेमी, दूसरों से सहानुभूति रखना और अपने उद्देश्यों को लेकर दृढ़ निश्चयी होना क्यों ज़रूरी है।

उन्होंने छात्रों के सामने ऐसे कई गेम भी पेश किए जो अंग्रेज़ी सीखने वाले को ध्यान में रख बनाये गये थे और जो उन्हें आपस में अंग्रेज़ी भाषा में बोलने के अभ्यास का मौका देते हैं। ये गेम्स कुछ ऐसे थे कि इनका इस्तेमाल कर छात्र व छात्राएं कई दिलचस्प विषयों पर आपस में अंग्रेज़ी ज़बान में बोलने का अभ्यास कर सकते हैं, जिससे छात्र और छात्राएं अच्छे तरीके से अपनी खूबियों और क्षमताओं को अंग्रेज़ी भषा में व्यक्त कर सकते हैं। उन्होंने विभिन्न विषयों से सम्बंधित प्रश्न और दिलचस्प तस्वीरों के द्वारा बातचीत को आगे बढ़ाया जिससे छात्रों में रुचि पैदा हुई और उनकी मालूमात में भी इज़ाफ़ा हुआ। डायने मिलर ने विद्यार्थियों को कहा कि वो विभिन्न विषयों से सम्बंधित शब्दावलियों के बारे में सोचें और इस तरह उन्होंने छात्रों को इन शब्दों को इस्तेमाल करने का मौक़ा दिया।

छात्र और छात्राओं को आपसी संवाद के लिए समूह में बाँटा गया और डायने मिलर ने उन्हें बोल चाल की अंग्रेज़ी सिखाने के लिए बहुत उन्नत अत्याधुनिक और अद्भुत तकनीक का इस्तेमाल किया। छात्रों के मन में रचनात्मक सोच और विचार पैदा करने की दिशा में उन्होंने अपने मैजिक बैग से सवालों का पर्चा निकाल कर प्रत्येक छात्र को दिया। उनमें से कुछ सवाल इस तरह थे: महात्मा गांधी किस बात पर विश्वास रखते थे? डॉ. मार्टिन लूथर का संघर्ष किस लिए था? नेल्सन मंडेला ने किसके खिलाफ लड़ाई लड़ी? नेल्सन मंडेला जेल में कितना समय रहे आदि।
इसी तरह एजुकेशन फॉर पीस के छात्रों को बोल चाल की अंग्रेज़ी सिखाने के लिए डायने मिलर ने जो शानदार और अनोखा तरीका अपनाया था उसे देखकर हैरत हुई। डायने मिलर ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में खुले तौर पर सवाल और जवाब का सेशन भी रखा और उन्होंने छात्रों के सभी सवालों का जवाब भी दिया। ये भी उल्लेखनीय है कि एजुकेशन फॉर पीस में पढ़ने वाली लड़कियों ने अलग अलग गतिविधियों में लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया, विशेष रूप से सवाल और जवाब के सेशन में उन्होंने लड़कों को पीछे छोड़ दिया। इस वर्कशॉप में एजुकेशन फॉर पीस और न्यु एज इस्लाम दोनों के स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया। इस वर्कशॉप का आयोजन म्युरियल पौथेरेट, सोनिका रहमान और वर्षा शर्मा ने किया।
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