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Hindi Section ( 13 Jun 2021, NewAgeIslam.Com)

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Lost Legacy of Islam इस्लाम..... हमारी खोई हुई मीरास

जावेद चौधरी, न्यू एज इस्लाम

उर्दू से अनुवाद, न्यू एज इस्लाम

मुस्लिम दुनिया की त्रासदी क्या है? यह हम मुसलमानों के लिए आज सबसे बड़ा सवाल है और इस सवाल के जवाब के लिए हमें थोड़ी से डिटेल में जाना पड़ेगा, फौजिया अली आई एल और (अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन) की मुलाजिम है, यह केन्या में पैदा हुईं और आज कल सोमालिया में काम कर रही हैं यह हाफ कास्ट अर्थात उसका पिता काला और उसकी मां गोरी थी इसलिए यह सफ़ेद और स्याही का सुंदर संयोजन है, फौजिया अलहम्दुलिल्लाह मुसलमान है और यह टुयुरन के कोर्स में हमारी साथी थी, अंतर्राष्ट्रीय ट्रेनिंग सेंटर के इस कोर्स में 16 मुसलमान थे लेकिन फौजिया अली उनमें अकेली महिला थी जो इस्लाम के सिद्धांतों पर पूर्ण रूप से कार बंद थी, यह पूरा लिबास पहन कर आती थी, सर पर हिजाब लेती थी, अकारण बात चीत नहीं करती थी और नमाज़ की पाबंदी करती थी लेकिन इन तमाम तर इस्लामी एहतियात के बावजूद मैंने उसमें एक अजीब आदत देखी, वह जब शौपिंग या सैर के लिए बाहर जाने लगती थी तो वह हमेशा गैर मुस्लिम लड़कों या हजरात के ग्रुप का चुनाव करती थी, वह हफ्ता भर के कोर्स के दौरान कभी किसी मुसलमान लड़के के साथ सेंटर से बाहर नहीं गई, मैंने एक दिन इसकी वजह पुछी तो वह हंस कर टाल गई लेकिन जब मैनें जिद किया तो उसने एक ऐसा जवाब दिया जिसमें इस्लामी दुनिया के तमाम त्रासदी दफन हैं, फौजिया अली का जवाब था मैं गैर मुस्लिमों में खुद को अधिक सुरक्षित समझती हूँ मैंने वजाहत चाही तो वह बोली  मैं जानती हूँ कि कोई गैर मुस्लिम मेरी इजाज़त के बिना मेरी तरफ देखने तक की हिम्मत नहीं करेगा जब कि मेरा मुसलमान भाई मेरे अकेले पन का पूरा लाभ उठाने की कोशिश करेगा फौजिया अली का जवाब कड़वा अवश्य था लेकिन हकीकत पर आधारित था, हम मुसलमान नैतिक रूप से इस सतह पर पहुँच चुके हैं कि हमारी अपनी बहु, बेटियाँ और बहने हम पर भरोसा करने के लिए तैयार नहीं हैं, हमारी इस्लामी दुनिया में क्या क्या घिनावने अपराध नहीं होते, ११ जुलाई २००९ को कराची में क्या हुआ, साढ़े तीन साल की बच्ची सना को किस तरह दरिंदगी का निशाना बना कर क़त्ल कर दिया गया, यह इस तरह का पहला अपराध नहीं, पाकिस्तान में हर दुसरे दिन इस प्रकार का कोई ना कोई घटना पेश आता है और और हमें पूरी दुनिया में कालिख लग जाती है। 8 अगस्त 2009 को एक पांच साल की बच्ची लाहौर में मिठाई खरीदने गई थीलेकिन आठ घंटे बाद उसकी लाश शहर के एक पोश इलाके में मिली। इस लड़की को भी निशाना बनाया और मारा गया। इसी तरह25 अप्रैल2009 को कराची में एक साल की बच्ची की हवस से हत्या कर दी गई थीजबकि इसी तरह की घटना यूरोपसंयुक्त राज्य अमेरिकाकनाडाऑस्ट्रेलिया और गैर-मुस्लिम सुदूर पूर्व में दस दस साल तक ऐसी कोई घटना पेश नहीं आतीमहिलाएं रात भर आधी-नंगी सड़कों पर चलती हैंलड़कियां वीकेंड पर क्लबों में नाचती हैंलेकिन नशे की स्थिति में पहुंचने के बाद भीकिसी लड़के के किसी लड़की को छूने की कोई घटना नहीं होती है। लेकिन क्या हम ऐसी उम्मीद कर सकते हैं 58 या 62 इस्लामिक देश सेक्या यह सच नहीं है कि हमारी महिलाएं दिन के उजाले में बाहर जाती हैं और असुरक्षित हैं और हम उन्हें इस्लामिक देशों में उनके घरों में अकेला नहीं छोड़ सकते।

मैं अपने दोस्तों को जब भी इस्लाम के सुनहरे दिनों की बातें सुनाता हूँ तो यह लोग हंस कर जवाब देते हैं तुम सांस्कृतिक संकीर्णता का शिकार हो, तुम्हारा संबंध मुसलमानों के उस गिरोह के साथ है जिसकी सोच नवीं ईसवी पर पहुँच कर रुक गई थी और जिसने कभी ज़िन्दगी, समाज और सभ्यता को खिलाफते राशिदा या स्पेन की मुस्लिम राज्य से बाहर रख कर नहीं देखा, मैं कभी कभी अपने दोस्तों से इत्तेफाक भी करता हूँ क्योंकि इसमें कोई शक नहीं हम लोग सांस्कृतिक संकीर्णता का शिकार हैं, हम बिल गेट्स की तुलना ५१० हिजरी के शाम के ताजिरों के साथ करते हैं और इब्ने रूश्द को आइन्स्टाइन का रूहानी उस्ताद साबित करने की कोशिश करते रहते हैं लेकिन इसके बावजूद यह हकीकत है वर्तमान और भविष्य की तशकील के लिए अतीत आवश्यक होता है क्योंकि शानदार अतीत हमें नालायकीयों और बेवकुफियों का एहसास दिलाता है, यह हमें बताता है तो क्या थे और अब क्या बन गए हो और अगर तुम अतीत की ताबनाक रिवायात की तरफ वापस ना गए तो युम्हारा क्या हश्र होगा? इसलिए यह संकीर्णता नहीं हकीकत है क्योंकि इस्लामी दुनिया पर कभी ऐसा समय भी था जब गैर मुस्लिमों की महिलाएं तो बड़ी बात भेड़ बकरियां तक इस्लामी सलतनत में खुद को सुरक्षित महसूस करती थीं तिजारती काफले जूं ही यूरोप से इस्लामी सलतनत में दाखिल होते थे तो यह अपने माल, जान और आबरू के खौफ से आज़ाद हो जाते थे, मुसलमानों की क्रेडिबलिटी का यह आलम था कि हस्पानिया का इसाई बादशाह अपने वजीर की नौजवान बेटी के साथ ज्यादती करता है तो वह मदद के लिए मुसा बिन नुसैर को दरख्वास्त करता है और मुसा बिन नुसैर अपने गुलाम तारिक बिन ज्याद को स्पेन रवाना कर देता है और वह कुछ हज़ार लोगों के साथ स्पैन पहुँच जाता है तारिक बिन ज्याद का यह जज़्बा आज भी बर्निंग डिजायर (आतशी ख्वाहिश) के नाम से अंग्रेजी का मुहावरा है इसलिए यह केवल सांस्कृतिक संकीर्णा नहीं, यह इस्लामी दुनिया की फरामोश की हुई हकीकत है, हम अक्सर कहते हैं इल्म मोमिन की खोई हुई मीरास है, मैं हमेशा इस वाक्य को अधूरा समझता हूँ क्योंकि मेरा ख्याल है केवल इल्म हमारी खोई हुई मीरास नहीं बल्कि क्रेडीबलिटी इमानदारसाफ़गोई ,सफाई, न्यायप्रौद्योगिकीव्यवसायशांतिप्रेम और कल्याण भी मोमिन की खोई हुई विरासत हैचाहे वह गर्भवती महिलाओं के लिए वजीफा होस्तनपान करने वाले बच्चों के लिए वजीफा हो या अनिवार्य शिक्षास्ट्रीट लाइटशहरोंकस्बों और गांवों में पानी की आपूर्तिसड़केंबाजारों और खरीदारी के स्थानों का निर्माणदुनिया का पहला नियमित व्यापार नियमविश्वविद्यालयवेधशालाएंस्वतंत्र और संप्रभु न्यायपालिकामहिलाओं के अधिकारगैर-मुसलमानों को अपनी संस्कृति के अनुसार पूजा करने और जीने की अनुमति देनादुनिया की पहली गुलेलपहली नौसेना पहली नियमित सेनापुलिस की पहली बटालियनपहला डाकघरपहली महिला शैक्षणिक संस्थानपहला पशु अस्पतालपहली सड़क स्वच्छता प्रणालीदुनिया का पहला सार्वजनिक पुस्तकालयवैज्ञानिकों और विद्वानों के लिए छात्रवृत्ति पहली योजनापहला सार्वजनिक परिवहनपहला बाजार महिलाओं के लिएविकलांगों की सेवा के लिए पहला विभागदुनिया का पहला पागलखानाअनाथोंविधवाओं और गरीबों की मदद करने वाली पहली संस्थाया सरकारी खर्च पर बेसहारा लोगों को दफनाने की पहली योजना। इसे किसने शुरू कियाइन सभी योजनाओंइन सभी संस्थानोंइन सभी विभागों को किसने शुरू किया?  आपको हैरत होगी ये सभी सामाजिक परंपराएं मोमिनों की खोई हुई विरासत हैंदुनिया का पहला अस्पताल और इस अस्पताल में मुफ्त इलाज की परंपरा हम मुसलमानों द्वारा शुरू की गई थी और ऊंटगधों और खच्चरों के अधिकार हमारे द्वारा स्थापित किए गए थे।और दुनिया की फर्स्ट वाकिंग स्ट्रीट भी बनायादुनिया का पहला सार्वजनिक पार्क और कर्मचारियों के लिए दुनिया की पहली आचार संहितालेकिन फिर हमारी विरासत समय के साथ खो गई और हम वहां पहुंच गए जहां हमारे दुश्मन हुआ करते थे। हम जहां भी थेआज हमें शिक्षा प्राप्त करनी होचिकित्सा प्राप्त करनी होखरीदारी करनी होभले ही हम शांति से रहेंहमारे पास मक्कामदीना और कोम के बजाय कैलिफोर्नियावाशिंगटनन्यूयॉर्कलंदनपेरिसफ्रैंकफर्ट और टोक्यो जाते हैं हम और हमारी बेटियां मस्जिदों में सुरक्षित नहीं हैं लेकिन वे लंदनपेरिस और वाशिंगटन में रोम की सड़कों परलंदन के पिकाडिली सर्कस और न्यूयॉर्क मोटरवे पर स्वतंत्र रूप से घूम सकती हैंकोई भी गैर-मुस्लिम राष्ट्रपतिप्रधान मंत्री और सेना प्रमुख कोई भी जोखिम नहीं उठा सकता है। तेज गति से गाड़ी चलानाजबकि इस्लामी दुनिया में बड़े लोग छोटे कर्मचारियों से बड़े होते हैं वे बड़े-बड़े कानून तोड़ते हैं और उनकी ओर कोई नहीं देखता। यूरोप के राजाराष्ट्रपति और प्रधान मंत्री अपनी लॉन घास काटते हैं जबकि इस्लामी दुनिया के शासक मोज़े पहनने के लिए कर्मचारियों को किराए पर लेते हैं। हमारे घर मेंतवाफ़ के दौरान लोगों की जेब काट दी जाती हैलोग एहराम पहनते हैं और अन्य मुसलमान अपने भाइयों के बैग चुराते हैं और हेरोइन को एहराम में छिपाकर सऊदी अरब ले जाते हैं। इस्लामी दुनिया भर में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा होती है। हम ज़मज़म के पानी में भी मिलाने से परहेज नहीं करते हैं। और हमारी शैक्षिक स्थिति यह है कि एक भी विश्वविद्यालय नहीं है पूरे इस्लामी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय स्तर केहम यहूदी कंपनियों से काबा के कफन के लिए धागा और डाई भी खरीदते हैंहमारे लिए तस्बीहात और जानमाज़ चीन बनाते हैं और हमें नमाज़ के समय निर्धारित करने के लिए यहूदी-निर्मित प्रणालियों की आवश्यकता होती है।

यह क्या है? यह हमारी खोई हुई मीरास हैं, इस्लाम ने हमें बर्दाश्त रवादारी, कर्टसी, तहम्मुल और और शाइश्तागी भी दी थी लेकिन हमने यह मीरास भी खो दी इसलिए आज पाकिस्तान जैसे इस्लामी देश में गैर मुस्लिम नागरिकों को जालाया जा रहा है और शिया सुन्नी एक दुसरे के जानी दुश्मन हैं, आज मुसलमान मुसलमान पर आत्मघाती हमले कर रहा है, मस्जिदों और कब्रिस्तानों में धमाके हो रहे हैं आज दुनिया का हर इस्लामी देश गैर महफूज़ और बे अमन हो चुका है और दुनिया का कोई सभ्य व्यक्ति किसी मुसलमान देश में पाँव तक र्कहने के लिए तैयार नहीं हैं, हम इल्म से ले कर इन्साफ तक दुनिया की बदतरीन कौम साबित हो रहे हैं, यह हमारी वह खोई हुई मीरास हैं जो जब तक हमें वापस नहीं मिलेंगी हम उस वक्त तक अकवामे आलम की दहलीज़ पर गदागरी करते रहेंगे।

Urdu Article: Lost Lagacy of Islam اسلام -- ہماری کھوئی ہوئی میراث

URL: https://www.newageislam.com/hindi-section/legacy-islam/d/124969

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