जानो दुनिया ब्यूरो (वाराणसी)
11 फरवरी 2014
चुनावी मौसम में जहाँ वोटरों को लुभाने के लिए सभी पार्टियाँ मुस्लिम -मुस्लिम खेल रही हैं वहीँ वाराणसी के मुसलमान वोटों की राजनीति से ऊपर उठकर साम्प्रदायिक सौहार्द की गंगा बहाने में मशगूल हैं. मुस्लिम मदरसे में कुरान के अलावा वेदों के गूढ़ रहस्यों को जानने की ललक मुस्लिम लड़कियां में खूब देखी जा रही है।

मदरसे के अध्यापकों का मानना है की यदि सांप्रदायिक सौहार्द का यह बीज बचपन में ही डाल दिया जाय तो आने वाले दिनों में भारत की तस्बीर ही बदली हुई नज़र आएगी।
वाराणसी मोमिन अंसार वेलफेयर सोसाइटी की ये छात्राएं दिनी तालीम के साथ साथ वैदिक धर्मों के गूढ़ रहस्यों का तुलनात्मक अध्ययन भी कर रही है, क्योंकि इन्हें देश में मजहब के नाम पर जो देश और समाज को बांटने की साजिश चल रही है वह इन्हें अब गवारा नहीं है।
बदलते समय और आधुनिकता के इस दौर में इन्हें यह भी पता चल गया है की सिर्फ दिनी तालीम और मजहबी शिक्षा से ही इस ज़माने के साथ कदम ताल नहीं किया जा सकता, इसलिए चुनावी प्रलोभन से दूर ये लोग सभी धर्मों की अच्छी-अच्छी बातों को जानने और समझने का काम करने में मशगूल हैं।
क्लास 6 से इंटर तक के इस मदरसे में अन्य विषयों के अलावा साम्प्रदायिक सौहार्द की शिक्षा अलग से दी जाती है. यहाँ जितनी इज्जत कुरान को दी जाती है उतनी ही इज्जत गीता और रामायण को भी दी जाती है।
वाराणसी मोमिन अंसार वेलफेयर सोसायटी महासचिव मुख़्तार अहमद का कहना है कि दिन की शुरुआत कुरान से होती है तो अंत गीता और वेदों के अध्ययन से होता है. अध्यापकों का मानना है की देश को राजनीतिज्ञों के भरोसे छोड़ा नहीं जा सकता है. सभी को खुद प्रयास करना पड़ेगा और वास्तव में देखा जाय तो मदरसे में मजहबी शिक्षा तो दी जाती है लेकिन घृणा फ़ैलाने के लिए नहीं, एकता के लिए. धर्म के गूढ़ रहस्यों की पढ़ाई यहाँ भी होती है, लेकिन तोड़ने के लिए नहीं बल्कि जोड़ने के लिए।
मकबूल हसन का कहना है कि धर्म की नगरी वाराणसी में साम्प्रदायिकता की मिसाल कोई नई नहीं है यहां पर हिन्दू मुस्लिम एक दुसरे के त्योहारों में कंधे से कंधे मिलाकर हर सुख दुःख में एक दुसरे की मदद कर बनारस की गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते है।
वैसे तो सांप्रदायिक सौहार्द के लिए बनारस को हमेशा से जाना जाता है लेकिन यह खास तब और हो जाता है जब प्रदेश में वोट के नाम पर समाज को तोड़ने की कोशिश लगातार की जा रही है।
स्रोतः http://janoduniya.tv/%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A4%B8%E0%A5%80/in-addition-to-the-quran-in-madrassa-muslim-girls-are-learning-esoteric-secrets-of-the-vedas/201439513#
URL: https://newageislam.com/hindi-section/muslim-girls-learning-secrets-vedas/d/55960