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Hindi Section ( 2 Jan 2015, NewAgeIslam.Com)

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Yazidi Girls being Sold by IS यजीदी लड़कियों को जिस्म की मंडी में बेच रहा IS

 

आईबीएन-7

 24, दिसम्बर 2014

नई दिल्ली। इराक और सीरिया में हर तरफ बम और गोलियों की आवाजें सुनाई देती हैं। और इन आवाजों में दब जाती हैं कुछ मासूमों की चीखें और सिसकियां। इन इलाकों में आईएसआईएस के दरिंदों ने इंसानियत की सभी हदें पार कर दी हैं। आईएसआईएस के चंगुल से छूटकर आई लड़कियों की आप बीती सुनकर रौंगटे खड़े हो जाएंगे।

इराक और सीरिया में मासूम लड़कियों को बेचने का बाजार लगाया जाता है जो कल तक शरीफ घरों की बहू बेटियां थीं। लेकिन आईएसआईएस के आतंकियों ने इनकी बस्तियों पर कब्जा करते ही इस इलाके की लड़कियों को भी अपना गुलाम बना लिया है। ये लड़कियां यजीदी परिवारों से हैं और आईएसआईएस के कट्टरपंथी आतंकी यजीदी धर्म के लोगों को अपना सबसे बड़ा दुश्मन समझते हैं। इसलिए बंधक बनाई गई लड़कियों के पास बस दो ही रास्ते बचते हैं। जिंदा रहना है तो अपना धर्म बदलो और आईएसआईएस के किसी आतंकी से शादी कर लो। नहीं तो इन लड़कियों को बेच दिया जाता है। आईएसआईएस के चंगुल से छूटकर आई एक लड़की लूना की बात पर यकीन करें तो कुछ यजीदी लड़कियों ने खुदकुशी कर ली है। क्योंकि वो जिल्लत की जिंदगी नहीं जीना चाहती थीं इसलिए उन्होंने मौत को गले लगाना बेहतर समझा।

रेगिस्तान की ये मिट्टी खून से लथपथ है। यहां खून के दरिया बह रहे हैं। जिस तरफ से गुजरों लाशों के ढेर लगे हैं। इस इलाके में हर तरफ मौत का पहरा है। जिंदगी का कौन सा पल आखिरी है कोई नहीं जानता। तबाही की इस दास्तान को इतिहास के पन्ने कभी भुला नहीं पाएंगे। खासतौर पर यजीदी परिवारों पर जिस तरह के जुल्म ढाए जा रहे हैं वो बेहद शर्मनाक हैं।

गौरतलब है कि उत्तरी इराक के ज्यादातर हिस्सों पर आईएसआईएस के आतंकियों का कब्जा हो चुका है। सिंजर और मौसूल शहर में बड़ी तादाद में यजीदी कौम के लोगों का बसेरा था। लेकिन आईएसआईएस ने सिंजर पर कब्जा करते ही सैकड़ों यजीदी लड़कियों और महिलाओं को बंधक बना लिया। और फिर उन्हें भेड़ बकरियों की तरह बेचा और खरीदा जाने लगा। मौसूल में भी सैकड़ों यजीदी लड़कियों को बंधकर बनाकर बेचा गया। वहां से छूटकर आई 20 साल की लड़की ने वो जुल्म अपनी आंखों से देखा है। इस लड़की की मानें तो उसके साथ बीस और यजीदी लड़कियों को मौसूल में गुलाम बनाया गया था। उसके बाद आईएसआईएस के आतंकियों ने उन्हें कुछ ऐसे कपड़े पहनने के लिए दिए जो पारंपरिक तवायफें पहना करती थीं। जिल्लत की ये जिंदगी देखकर कई लड़कियों ने खुदकुशी कर ली। आईएसआईएस के भयानक जुल्मों का पहाड़ इस कौम पर इस बुरी तरह टूटा है कि मासूम बच्चे और बूढ़ों को भी नहीं बख्शा गया। इनकी बस्तियों का पानी काट दिया गया जिसकी वजह से कई मासूम बच्चे और बुजुर्ग प्यास से तड़प-तड़पकर मर चुके हैं। इस इलाके में मौजूदा हालात देखकर कोई नहीं कह सकता कि अब यहां कभी इंसानियत लौटेगी भी या नहीं।

इस्लामिक स्टेट के कट्टरपंथी यजीदियों को चुन-चुनकर मौत के घाट उतार रहे हैं। वैसे तो दुनिया के नक्शे पर यजीदियों का आंकड़ा ना के बराबर है। लेकिन आईएसआईएस के आतंकी इस कौम की बची हुई जनसंख्या को भी मिटा देना चाहते हैं। लेकिन इस कौम को मिटाना इतना आसान नहीं है। क्योंकि ये शैतान के नेक बंदे हैं। इस्लाम में यजीदियों को शैतान का उपासक कहा जाता है। शायद यही वजह है कि इस्लामिक जेहादियों के जरिए उनका कत्लेआम किया जाता रहा है।

इस कौम के ऊपर कर्बला युद्ध के बाद 72 बार नरसंहार करवाया गया है। सद्दाम हुसैन के जमाने में भी यजीदियों का दमन किया गया था। और अब इस्लामिक स्टेट के नाम पर आईएसआईएस के आतंकी इनका नरसंहार कर रहे हैं। यजीदी कौम की धार्मिक मान्यताएं क्या हैं। यजीदी कौम एक ही खुदा में विश्वास करती है । इनका मानना है कि खुदा के सात फरिश्ते होते हैं जो उसका कामकाज देखते हैं। यजीदी कौम इन्हीं फरिश्तों में से एक फरिश्ते की इबादत करती है। इस फरिश्ते को मलक ताउस कहा जाता है और मलक ताउस को इस्लाम में शैतान माना जाता है।

Source: http://khabar.ibnlive.in.com/news/133138/2

URL: http://newageislam.com/hindi-section/ibn-7/yazidi-girls-being-sold-by-is--यजीदी-लड़कियों-को-जिस्म-की-मंडी-में-बेच-रहा-is/d/100818

 

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