
डॉ. ज़फ़र दारिक क़ासमी, न्यू ऐज इस्लाम
(भाग 5)
25 अप्रैल, 2026
फ़ज़ाई आलूदगी के हानिकारक प्रभाव
हवा अल्लाह की एक बहुत बड़ी नेमत है। तमाम मख़लूक़ की ज़िन्दगी हवा पर निर्भर है। अगर हवा न हो तो सांस लेना भी मुश्किल हो जाएगा। यह जीवन का एक ज़रूरी हिस्सा है, इसके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती।
अगर हम हवा और वातावरण को प्रदूषित कर दें, तो इसका बुरा असर हमारे ही समाज पर पड़ेगा। हम जानते हैं कि हवा को प्रदूषित नहीं करना चाहिए, फिर भी हम ऐसा कर रहे हैं।
डॉ. करीम के अनुसार, फ़िज़ाई आलूदगी ज़्यादातर गाड़ियों और फैक्ट्रियों की वजह से होती है। कार्बन डाइऑक्साइड, हाइड्रोजन और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी गैसें हवा में मिलती रहती हैं। धूल, धुआँ और राख भी हवा को गंदा करते हैं। नई रिसर्च से पता चला है कि घरों में खाना पकाने से निकलने वाला धुआँ महिलाओं और बच्चों के लिए बहुत नुक़सान देह है। अगर सुरक्षित चूल्हे उपलब्ध करा दिए जाएँ, तो लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है।
WHO के अनुसार, लगभग 43 लाख मौतें घर के अंदर की वायु प्रदूषण के कारण होती हैं, ख़ासकर एशिया में लकड़ी या कोयले से खाना बनाने की वजह से। वहीं बाहर की हवा के प्रदूषण से लगभग 37 लाख लोग मरते हैं, जिनमें से ज़्यादातर तरक़क़ी याफ़्ता देशों में हैं।
इसलिए ज़रूरी है कि हम उन चीज़ों का संतुलित उपयोग करें जो प्रदूषण फैलाती हैं। इस्लाम ज़्यादा धुआँ इस्तेमाल कर ने से मना करता है क्योंकि यह हवा को गंदा करता है। इस्लामी विद्वानों ने भी हर तरह़ के हानिकारक धुएँ से बचने की सलाह दी है।
इस्लाम हवा की सुरक्षा के लिए मज़बूत मार्गदर्शन देता है। एक महत्वपूर्ण शिक्षा यह है कि ज़्यादा से ज्यादा पेड़ लगाए जाएँ, क्योंकि हरियाली वायु प्रदूषण को कम करती है। हवा फसलों और फलों को उगाने में भी बहुत मदद करती है, इसलिए हमें इस नेमत की क़द्र करनी चाहिए।
इस्लाम में हवा को तीन तरह से बताया गया है:
रहमत
सज़ा
अल्लाह की ताक़त की निशानी
हवा एक रहमत के रूप में
अल्लाह ने हवा को रह़मत बनाया है। यह बादलों को चलाती है और बारिश लाती है, जिससे धरती को फ़ायदा होता है और प्रदूषण भी कम होता है।
क़ुरआन में बताया गया है कि हवाएँ बारिश से पहले खुशखबरी लाती हैं, बादलों को उठाती हैं और उनसे बारिश होती है, जिससे फल और फसलें उगती हैं।
दूसरी आयत में बताया गया है कि हवाएँ बादलों को फैलाती हैं और फिर बारिश होती है, जिससे लोग ख़ुश हो जाते हैं।
एक और आयत में बताया गया है कि हवाएँ बादलों को बनाने में मदद करती हैं, फिर आसमान से पानी उतारा जाता है, जिसे हम पीते हैं।
मुफ्ती शफ़ी उस्मानी बताते हैं कि यह पूरा सिस्टम अल्लाह की ह़िकमत का नमूना है। बारिश के ज़रिये पानी हर इंसान और जानवर को मुफ्त में मिलता है। भाप बनना, बादल बनना और बारिश होना—यह सब एक बेहतरीन व्यवस्था है।
हवा एक सज़ा के रूप में
अल्लाह ने हवा को सज़ा के तौर पर भी इस्तेमाल किया है। ‘आद नाम की क़ौम को एक तेज़ और भयानक आंधी से तबाह कर दिया गया।
क़ुरआन बताता है कि यह आंधी कई दिनों तक चलती रही और पूरी क़ौम को ख़त्म कर दिया।
दूसरी आयत में बताया गया है कि यह एक ऐसी आंधी थी जिसमें कोई फायदा नहीं था—न बारिश, न राहत, सिर्फ तबाही।
मौलाना सैयद अबुल आला मौदूदी के अनुसार, यह हवा बिल्कुल बेकार और विनाशकारी थी।
हवा अल्लाह की ताक़त की निशानी
हवा अल्लाह की निशानी भी है। दिन और रात का बदलना, बारिश का होना और हवाओं का चलना—ये सब समझदार लोगों के लिए निशानियाँ हैं।
क़ुरआन में बताया गया है कि इन चीज़ों में सोचने वालों के लिए स्पष्ट संकेत हैं।
इस्लाम हमें संतुलित और ज़िम्मेदार जीवन जीने की शिक्षा देता है, जिससे वायु प्रदूषण को कम किया जा सके। इंसान को केवल अपने फ़ायदे के बारे में नहीं, बल्कि पूरे पर्यावरण की रक्षा के बारे में सोचना चाहिए।
आज वायु प्रदूषण एक गंभीर वैश्विक समस्या बन चुका है। यह इंसानी सेहत को नुक़सान पहुंचाता है, पर्यावरण का संतुलन बिगाड़ता है और धरती पर जीवन के लिए ख़तरा बन रहा है।
फैक्ट्रियों का धुआँ, गाड़ियों का धुआँ, जंगलों की कटाई और दूसरी मानवीय गतिविधियाँ हवा को ज़हरीली बना रही हैं।
इससे सांस की बीमारियाँ, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय नुक़सान बढ़ रहे हैं। इसलिए हमें उन चीज़ों के उपयोग में सावधानी बरतनी चाहिए जो हवा को प्रदूषित करती हैं।
इस्लाम न केवल पर्यावरण की सुरक्षा की शिक्षा देता है, बल्कि यह चेतावनी भी देता है कि अगर इंसान अपने कर्मों से वातावरण को बिगाड़ेगा, तो यही हवा उसके लिए सज़ा भी बन सकती है।
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डॉ. ज़फ़र दारिक क़ासमी इस्लामिक इसकोलर, मुसन्निफ़ और न्यु ऐज इस्लाम के मुसतक़िल कालम निगार हैं।
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Part: 1- Environmental Pollution in Islam-Part-1 इस्लाम में पर्यावरण प्रदूषण का व्यापक तसव्वुर
Part: 2- Environmental Pollution in Islam-Part-2 इस्लाम में पर्यावरण प्रदूषण का तसव्वुर
Part: 3- Environmental Pollution in Islam-Part-3 इस्लाम में पर्यावरण प्रदूषण का तसव्वुर
Part: 4- Environmental Pollution in Islam-Part-4 इस्लाम में पर्यावरण प्रदूषण का तसव्वुर
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