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Hindi Section ( 18 Dec 2016, NewAgeIslam.Com)

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Why Islam Needs a Reformation Now इस्लाम में अब बदलाव की ज़रुरत क्यों

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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  1. एक अरबी हुजूर अकरम सल्लल्लाहो अलैहि व सल्लम के दरबार मे हाजिर हुआ और अ़र्ज किया या रसूलल्लाह! 
    मै कुछ पूछना चहता हूँ!
     सरकार ने फरमाया कहो!
    अर्ज किया; 

    मै अमीर बनना चाहता हूँ 
    फरमाया; क़नाअत इखि्तयार करो अमीर हो जाओगे!
    अर्ज किया; मै सबसे बडा आलिम बनना चाहता हूँ!
    फरमाया; त़कवा इखितयार करो आलिम बन जाओगे!
    अर्ज किया; इज्ज़त वाला बनना चाहता हूँ!
    फरमाया; मख़लू़क के सामने हाथ फैलाना बन्द कर दो!
    अर्ज किया; अच्छा आदमी बनना चाहता हूँ!
    फरमाया; लोगों को फायदा पहुंचाओ!
    अर्ज किया;आदिल बनना चाहता हूँ!
    फरमाया; जिसे अपने लिये अच्छा समझते हो वही दूसरो के लिये पसंद करो!
    अर्ज किया; ताक़तवर बनना चाहता हूँ!
    फरमाया; अल्लाह पर तवक्कुल (भरोसा) करो!
    अर्ज किया;अल्लाह के दरबार मे खास दर्जा चाहता हूँ!
    फरमाया; कसरत से जिके् इलाही करो!
    अर्ज किया; रिज्क़ मे कुशादगी चाहता हूँ!
    फरमाया; हमेशा बावजू रहो!
    अर्ज किया; दुआओ की क़बुलियत चाहता हूँ!
    फरमाया; हराम न खाओ!
    अर्ज किया; ईमान की तकमील चाहता हूँ!
    फरमाया; अख्लाक अच्छे कर लो!
    अर्ज किया; क़यामत के दिन अल्लाह से गुनाहो से पाक होकर मिलना चाहता हूँ!
    फरमाया; ज़नाबत के फौरन बाद गुस्ल किया करो!
    अर्ज किया; गुनाहो मे कमी चाहता हूँ!
    फरमाया; कसरत से तौबा करो!
    अर्ज किया; क़यामत के रोज नूर मे उठना चाहता हूँ!
    फरमाया; जु़ल्म करना छोड दो!
    अर्ज किया; मै चाहता हूँ! किअल्लाह मेरी पर्दापोशी करे!
    फरमाया लोगों की पर्दापोशी करो!
    अर्ज किया; रूस्वाई से बचना चाहता हूँ!
    फरमाया; जि़ना से बचो!
    अर्ज किया; चाहता हूँ अल्लाह और उसके रसूल का महबूब बन जाऊ!
    फरमाया; जो अल्लाह और उसके रसूल का महबूब हो, उसे अपना महबूब बना लो!
    अर्ज किया; अल्लाह का फरमाबरदार बनना चाहता हूँ!
    फरमाया; फ़राइज़ का एहतिमाम करो!
    अर्ज किया; एहसान करने वाला बनना चाहता हूँ!
    फरमाया; अल्लाह की यूँ बन्दगी करो जैसे तुम उसे या वह तुम्हें देख रहा हो!
    अर्ज किया; या रसूलल्लाह क्या चीज गुनाहो से माफी दिलायेगी!
    फरमाया; अाँसू , आजिजी़ और बीमारी!
    अर्ज किया; क्या चीज़ दोज़ख़ की अाग को ठन्डा करेगी!
    फरमाया;दुनिया की मुसीबतो पर सर्ब!
    अर्ज किया; अल्लाह के गुस्से को क्या चीज़ ठन्डा करेगी!
    फरमाया; चुपके-चुपके सदक़ा और सिला रहमी!
    अर्ज किया; सबसे बडी बुराई क्या है!
    फरमाया; बुरे अख़लाक़ और बुख्ल(कंजुसी!)
    अर्ज किया; सबसे बडी अच्छाई क्या है!
    फरमाया; अच्छे अख़लाक़,तवज्जोह अौर सर्ब!
    अर्ज किया; अल्लाह के गज़ब से बचना चाहता हूँ!
    फरमाया; लोगों पर गुस्सा करना छोड दो!---------
    इस हदीसे पाक के जरिये कुल मखलूक की मगफिरत फरमा!
    व मेरे वालिदेन की सेहत अता फरमा उन के मेरे गुनाहो को बख्श दे!
    अमीन सुम्मा अामीन..

    By Ghulam Ghaus Siddiqi غلام غوث الصديقي 18/01/2017 01:36:01
  2. bcz change s law o nature...or rrady for dedtruction
    By Utkarsh Mishra 26/12/2016 20:21:28