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Hindi Section ( 6 Apr 2014, NewAgeIslam.Com)

Syariah ( Shariah ) Laws for Malaysia मलेशिया के लिए शरई कानून

 

नरिंदर सिंह

5 नवम्बर, 2013

मलेशिया का सरकारी धर्म इस्लाम है जैसा कि ये उसके संघीय संविधान में लिखा है। एक मलेशियाई होने के नाते जो यहीं पैदा हुआ, पालन पोषण और शिक्षा दीक्षा भी यहीं हुई और औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए एक बार भी देश की समुद्री सीमा से बाहर नहीं गया, मुझे ये स्पष्ट हुआ है कि इस्लाम से सम्बंधित मुद्दों में स्वयं को शिक्षित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

प्रेरणा इस कारक से मिली कि क्या कोई व्यक्ति दूसरों के धर्म, संस्कृति और विश्वास के मामले में केवल खुला दिमाग रख कर उनके प्रति सहिष्णुता और उनकी स्वीकार्यता को बढ़ा सकता है।

फिर भी इस्लाम और शरीयत की जितनी अधिक तारीफ की जाती है, इसे हमारे समाज में शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि ये हर मायने में हमारे अस्तित्व के हर एक क्षेत्र को अपने में शामिल करता है। इन सबके मद्देनजर जो कुछ मुझे हैरान करता है वो कुछ मलेशियाई मुसलमानों के द्वारा प्रदर्शित अज्ञानता है।

लगातार अध्ययन और खोज के बाद मुझे ये पता चला कि शरई कानून दैवीय हैं और ये व्यवहार, कपड़े, खाना, इशारे, स्वच्छता, इबादत और यहाँ तक कि मानव जीवन के लगभग सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से उल्लेख करता है और हर मुसलमान को जिसका पालन करना चाहिए।

इसलिए मैं अपने समाज में शरई कानून को लागू करने की मांग पर बहुत आश्चर्यचकित था हमें इसकी विरोध नहीं करना चाहिए क्योंकि शरीयत राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक समस्या का समाधान पेश करती है।

आज मलेशिया इस्लामी आर्थिक प्रबंधन के मामले में अग्रणी देश है और जो पूरी दुनिया में मुस्लिम देशों के लिए एक रोल मॉडल के रूप में उभर रहा है। यूरोप और यहां तक ​​कि अमेरिका ने भी इस्लामी बैंकिंग और आर्थिक व्यवस्था के मामले में हमारी विशेषज्ञता को स्वीकार किया है और जिसने धर्म की परवाह किए बिना सभी जीवन के हर एक क्षेत्र के ग्राहकों को आकर्षित किया है।

शरीयत से सुसंगत आर्थिक उत्पाद और स्टाक एक्सचेंज ने बहुत से लोगों समेत विश्व बैंक तक को दौलत बनाने का मौका दिया है। गैर मुस्लिमों ने भी इस्लामी वित्तीय व्यवस्था का खुले दिल से स्वागत किया है। ऐसे में फिर शरीयत के दूसरे पहलुओं पर चर्चा होने पर परहेज़ क्यों बरता जा रहा है?

इसलिए अगर शरीयत किसी को दौलत बनाने में मदद करती है तो ये पूरी तरह से ठीक है लेकिन अगर ये ऐसा नहीं करती है तो इसके लिए बहुत बड़ी ना है। क्या ये तर्क शरई कानून को पूरी तरह से लागू करने के प्रस्ताव को अस्वीकार करने के लिए पाखंड और निराधार बातों का हिस्सा नहीं है? इस मामले में इतना चयनात्मक व्यवहार क्यों?

फिर भी इस्लामी प्राधिकारियों को मुसलमानों और गैर मुस्लिमों दोनों को शरई कानून की व्यवहारिक शिक्षा के मामले में आक्रामक रूप से सक्रिय होना चाहिए।

मेरी राय में संघीय और राज्य स्तर पर इस्लामी प्रवर्तन एजेंसियाँ युवा पीढ़ी के बीच इस्लाम के बुनियादी सिद्धांतों को पेश करने में बुरी तरह नाकाम रही हैं।

जीवन के कुछ अनुभव

ये कुछ अनुभव और संदिग्ध व्यवहार हैं जिन पर सार्वजनिक रूप से अमल किया जाता है। मुझे इस बात पर आश्चर्य है कि क्या मुसलमानों को विशेष रूप से और यहाँ तक कि गैर मुस्लिमों को ये व्यवहार सार्वजनिक रूप से करने की इजाज़त है।

यहां पर मुझे कुछ ऐसी घटनाओं का उल्लेख करने दें जिनकी वजह से मैं अपने मुस्लिम दोस्तों और विशेषज्ञों से एक समान रूप से स्पष्टीकरण माँगने के लिए प्रेरित किया है।

1. मैं इकिया, पेट्रोनास ट्विन टावर (केएलसीसी), मिड वैली जैसे मॉल और सनवे पिरामिड जैसी जगहों पर अक्सर जाता रहता हूँ, मलेशियाई लड़कियों को बहुत छोटे कपड़े जिससे उनके अंडरवियर तक दूसरों को नज़र आ रहे थे, इनको देखकर मैं भोचक्का रह गया। इससे भी बढ़कर कुछ लड़कियां बेहद पारदर्शी कपड़ों में और लगभग तीन चौथाई नंगी थीं।

2. धूम्रपान को बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित या वर्जित घोषित किए जाने के बावजूद बहुत से मुसलमानों को धूम्रपान निषिद्ध जगहों पर भी सिगरेट के धुएं उड़ाते हुआ देखे जाते हैं। मुझे आश्चर्य होता है बहुत सी युवा मलेशियाई लड़कियों कानून और फतवों का खुले तौर पर उल्लंघन करते हुए धूम्रपान में लगी हैं और वास्तव में मुस्लिम विद्वानों का अनादर करती हैं। आप स्थानीय किसी भी दुकान पर जाएँ, आप पाएंगे कि बहुत से लोगों में हुक्का पीने की प्रवृत्ति पैदा हो गया है जो कि लत भी बन सकती है।

3. हाल ही में इकानों की यात्रा में मैं एक मुस्लिम लड़की जो कोपिटियम में काफी की चुस्कियाँ ले रही थी और उसके शरीर के निचले भाग के करीब बन सुंदर टैटू को देखकर भौचक्का रह गया। इस लड़की के शरीर का पिछला हिस्सा सबको नज़र आ रहा था और यहां तक ​​कि छोटे बच्चों भी उसके शरीर के टैटू वाले हिस्से पर नज़र डाल रहे थे।

4. और हमने कुछ गुण्डे नज़र आने वाले ऐसे युवा मलेशियाई लड़कों और लड़कियों को देखा जिन्होंने अपनी ज़बान, नाक, होंठ और नाभि को छिदवाया था और अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन करने के लिए मौहॉक स्टाइल में अपने बालों को विषम रंगों से रंगा था।

ये एक बेवकूफी भरा सवाल हो सकता है कि इस्लाम में उपरोक्त चीजों की इजाज़त है।

व्यक्तिगत रूप से शरई कानून सार्वजनिक और पारिवारिक जीवन में हमारी शालीनता के साथ शुरु होता है। फिर ये समुदाय में जगह बनाता है और उसके बाद स्वीकृति और सहिष्णुता के रूप में बढ़ता है।

शरई कानून के समर्थन के मामले में सभी राजनीतिक दलों को उचित और निष्पक्ष होना चाहिए। पार्लियमेंट की हाल की एक बैठक में एक सदस्य ने ज़ोरदार तरीके से ये दलील दी कि मलेशिया इस अर्थ में अद्वितीय है कि ये दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां सभी मलय लोग मुसलमान हैं।

इसके विपरीत अरब देशों में बहुत से अरब लोग मुसलमान नहीं हैं। उस दस्य ने ये भी कहा कि मलेशियाई अद्वितीय हैं और इस तथ्य को न तो खारिज किया जा सकता है और न ही इस पर बहस की जा सकती है।

मैं उसके तर्क से पूरी तरह सहमत हूँ। मैं कभी उसका विरोध नहीं करूंगा। लेकिन इसके बावजूद क्यों इस्लामी संस्थाएं और उनके प्रवर्तन अधिकारी ऊपर उल्लिखित और व्याप्त घटनाओं पर आँखे बंद किये हुए हैं?

ये कोई तन्हाई की जगह नहीं है कि जहां उन्हें अपराधियों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए खुद झाड़ियों या झुरमुटों में छिपना पड़े। बल्कि ये अपराधी शरई कानूनों का सरेआम उल्लंघन कर घूमते फिर रहे हैं।

पूरी ईमानदारी के साथ मैं ये कहना चाहूंगा कि यहाँ इस्लामी कानून को पूरे जोर से लागू किया जाना चाहिए, लेकिन में फिर ज़ोर दूँगा कि जैसा कि इस्लाम प्रचार करता है और जिसकी ज़रूरत है कि इसे न्..पूर्ण तरीके से लागू किया जाना चाहिए।

न तो कोई अस्पष्टता और शक होना चाहिए और न ही किसी भी पक्ष को  प्रताड़ित होने की भावना होनी चाहिए।  इस्लामी विद्वागयी है वो इसे अनुचित करीके से लागू करते नज़र नहीं आने चाहिए।

नरेंद्र सिंह एफएमटी (Free Malaysia Today) टीम के एक सदस्य हैं

http://www.freemalaysiatoday.com/category/opinion/2013/11/05/Syariah-for-malaysia/

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http://www.newageislam.com/islamic-sharia-laws/narinder-singh/syariah-(shariah)-laws-for-malaysia/d/14308

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http://www.newageislam.com/urdu-section/narinder-singh,-tr-new-age-islam/syariah-(shariah)-laws-for-malaysia-ملیشیا-کے-لئے-شرعی-قوانین/d/34485

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